
राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने करीब 57 लाख रुपये की कीमत का ड्रग्स जब्त किया है। इस गिरोह का नेटवर्क पंजाब के रास्ते पाकिस्तान से जुड़ा हुआ था और इसमें युवतियों को तस्करी के लिए मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
पाकिस्तान से पंजाब, फिर रायपुर तक का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से हेरोइन और नशीले पदार्थ सबसे पहले पंजाब पहुँचाए जाते थे। वहाँ से सप्लाई चेन के जरिए ड्रग्स को छत्तीसगढ़, खासकर रायपुर, में भेजा जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, राजधानी रायपुर को नशे के कारोबारियों ने एक बड़े बाजार के रूप में चुना था।
युवतियों से कराई जा रही तस्करी
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तस्करी के लिए युवतियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। गिरोह के सरगना युवतियों को झांसा देकर या पैसों का लालच देकर नशीले पदार्थों की डिलीवरी कराने भेजते थे, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं। सभी से पूछताछ जारी है और पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार न केवल पंजाब बल्कि दिल्ली, हरियाणा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान से भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
ड्रग्स की तस्करी की सूचना पर पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी और संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान 57 लाख रुपये कीमत की हेरोइन बरामद हुई। पुलिस अब इस मामले को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।
लगातार बढ़ रहा नशे का कारोबार
पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। खासकर राजधानी रायपुर में युवाओं को टारगेट बनाकर स्मैक, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के कई और सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।