
24 अगस्त 2025 को धमतरी जिले के गंगरेल बांध में जलस्तर वृद्धि की स्थिति देखते हुए, बांध के दो गेट (नंबर 4 और 5) शाम लगभग 4 बजे खोले गए।इन गेटों से 5,320 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, यह बांध का जलभराव 29.674 टीएमसी पर था, जिसमें से उपयोगी जल 24.603 टीएमसी था।डैम का यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचे। अब उनकी नजर बांध के सभी 14 गेट खोलने पर भी टिकी है।
जल स्तर और प्रशासनिक तैयारी
- भादो (औषधि) माह में हो रही शक्तिशाली बारिश के कारण बांध में संतोषजनक जलभराव हुआ है।
- हालांकि बांध को पूरी तरह लबालब करने के लिए अभी कुछ और जल (लगभग 2–3 टीएमसी) की जरूरत है।
- जल संसाधन विभाग ने पहले केवल 11 और 12 नंबर गेट से पानी निकाला था, लेकिन अब दो अतिरिक्त गेट (4 और 5) खोलकर जल नियमन की प्रक्रिया तेज़ी से की जा रही है।
- जल छोड़े जाने के एक दिन पहले—24 अगस्त को—रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार‑भाटापारा तथा ओडिशा के संबलपुर जिला प्रशासन को जानकारी भेजी गई थी। इसका उद्देश्य क्षेत्र में संभावित बाढ़‑संबंधी व्यवस्थाओं का समुचित नियंत्रण सुनिश्चित करना था।
सारांश तालिका
| विषय | विवरण |
|---|---|
| बांध का नाम | गंगरेल बांध (रविशंकर सागर), धमतरी जिला |
| तिथि और समय | 24 अगस्त 2025, शाम ~4 बजे |
| खुले गए गेट | गेट नंबर 4 & 5 |
| पानी की मात्रा छोड़ी गयी | 5,320 क्यूसेक |
| वर्तमान जलभराव | 29.674 टीएमसी (उपयोगी जल 24.603 टीएमसी) |
| प्रथम गेट्स से पानी निकासी | पहले गेट्स 11 और 12 से |
| सैलानियों की प्रतिक्रिया | गेट खुलने के दृश्य से लोग आकर्षित, सभी 14 गेट्स खोलने की प्रतीक्षा |
| प्रशासनिक कदम | आसपास के जिलों और राज्य सरकार को सूचित, संभावित बाढ़ सहायता योजना तैयार |