बस्तर को चाहिए राहत, कांग्रेस ने उठाई आवाज़

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से बस्तर क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने 100 साल की सबसे बड़ी तबाही मचाई है। इस आपदा ने सड़कों, पुल-पुलियों को तोड़ दिया है और लोगों की रोज़ी-रोटी के साधन, खेती-किसानी पूरी तरह से बर्बाद कर दिए हैं।

श्री बैज ने आज प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि लगातार तीन दिनों तक बस्तर, दंतेवाड़ा और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पर स्थिति बेहद भयावह दिखी। लोग खाने-पीने की सामग्री और दवाइयों के अभाव में कठिनाई झेल रहे हैं। कई परिवारों के घर, घरेलू सामान, वाहन, मवेशी और खेत-खलिहान तक बह गए हैं। स्कूली बच्चों की किताबें, ड्रेस और दस्तावेज भी पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।उन्होंने दर्जनों गांवों और राहत शिविरों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की।

प्रभावितों ने बताया कि अब तक मिली राहत सामग्री बेहद कम और अपर्याप्त है।दीपक बैज की सरकार से मांगें-प्रभावित परिवारों को तत्काल 50,000 राहत राशि और 10 लाख का मुआवज़ा दिया जाए।बस्तर के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा हो।क्षतिग्रस्त सड़कें, मार्ग और पुल-पुलियों की मरम्मत तत्काल शुरू की जाए।बिजली व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए।प्रभावित परिवारों का पुनर्वास उनकी सहमति से सुरक्षित स्थानों पर किया जाए।स्कूली बच्चों को कॉपी, किताब, ड्रेस और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। श्री बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री का बस्तर दौरा केवल औपचारिकता साबित हुआ।

उन्होंने कुछ प्रभावितों को राहत चेक और पुरानी साड़ियां बांटीं, जिसकी शिकायत करने पर पीड़ितों को थाने में बैठाए रखा गया।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि पक्के मकान के लिए 1.20 लाख और कच्चे मकान के लिए 10 हजार बेहद अपर्याप्त है। इसे बढ़ाकर क्रमशः 10 लाख और 5 लाख किया जाना चाहिए। उन्होने प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से भी राहत सामग्री भेजने की तैयारी की जा रही है।

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