
धमतरी आज देश साइंस की दुनिया मे काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. अंतरिक्ष से धरती तक साइंस मॉडल ही काम कर रहा है. अब धमतरी का गंगरेल बांध असिर्फ पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि विज्ञान की प्रयोगशाला भी बन गया है. यहां बच्चों से लेकर बड़ों तक के सीखने और समझने का नया माहौल तैयार किया गया है.

साइंस पार्क आकर्षण का केंद्र: दरअसल, पहली बार जिले में साइंस पार्क तैयार किया गया है. जो धमतरी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का आकर्षण बनने जा रहा है. धमतरी के गंगरेल बांध परिसर में बना साइंस पार्क अब चर्चा का विषय बना हुआ है. करीब 1 करोड़ 80 लाख की लागत से इसे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से तैयार किया गया है.

इनडोर में 40 मॉडल्स लगाए गए: ये पार्क पर्यटकों और बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन गया है. पार्क के इंडोर सेक्शन में विज्ञान से जुड़े 40 मॉडल्स लगाए गए हैं. जहां बच्चे कंकाल तंत्र, पाचन तंत्र, आइना, सैटेलाइट जैसे प्रयोगों को प्रैक्टिकली देख और समझ सकेंगे. विज्ञान के कई नियमों को यहां प्रैक्टिकल रूप में समझाया गया है
वहीं आउटडोर पार्क में 28 उपकरण: इनडोर के अलावा आउटडोर में भी साइंस को समझने के लिए कई उपकरण लगाए गए हैं. जो न सिर्फ बच्चों को आकर्षित करेंगे, बल्कि बड़ों के लिए भी साइंस की दुनिया को जानने का मौका मिलेगा. पार्क की बाहरी दीवारों पर विज्ञान के जनकों और आधुनिक भौतिकी की नींव रखने वाले वैज्ञानिकों की झलक देखने को मिलती है.

हमारे जिले के जो स्टूडेंट्स है उनमें साइंस को जानने की उत्सुकता और बढ़ेगी. साथ ही गंगरेल में पर्यटक भी बहुत आते हैं तो उनके लिए भी एक नई जगह के रूप में ये डेवलप होगा जो घूमने के साथ ज्ञान को भी बढ़ाएगा, अलग अलग स्कूलों के छात्रों को भी महीने के हिसाब से विजिट कराने की तैयारी आगे करेंगे- अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर, धमतरी
वैज्ञानिकों के प्रयोगों से प्रेरित मॉडल्स साइंस के अध्ययन के तरीके को रोचक और समझने लायक बना रहे हैं. हालांकि अभी इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है. लेकिन स्कूली बच्चे और पर्यटक यहां लगातार आ रहे हैं. गंगरेल का यह साइंस पार्क बच्चों के लिए नॉलेज का खजाना और पर्यटकों के लिए नई पहचान बनता जा रहा है.