गरियाबंद में आठ लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, 20 साल से थी लिप्‍त

पिछले नौ महीनों में सुरक्षा बलों ने मोर्चे पर लगातार सफलता पाई है। इस अवधि में 28 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि 27 ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता चुना। लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सल संगठन की पकड़ कमजोर पड़ रही है और छोटे कैडरों पर आत्मसमर्पण का दबाव बढ़ रहा है।

गरियाबंद। पुलिस को माओवादी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय और आठ लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी जानसी उर्फ कौशल्या ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

पुलिस के अनुसार जानसी कुख्यात माओवादी और मृतक डीवीसी मेंबर सत्यम गावड़े की पत्नी हैं। जानकारी के अनुसार जानसी पिछले 20 वर्षों से माओवादी गतिविधियों में संलग्न रही हैं। उसे इस क्षेत्र में काफी सीनियर माना जाता है। दोनों सीसी मेंबर के मारे जाने के बाद जानसी वरिष्ठ माओवादियों की श्रेणी में आ गई थीं।

वर्तमान में वह नगरी एरिया कमेटी की सचिव थीं और संगठन में उसकी स्थिति काफी महत्वपूर्ण थी। हाल ही में सुरक्षा बलों ने कई शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने के बाद जानसी का आत्मसमर्पण पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता और माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है।

पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में बताया कि जानसी ने शासन की पुनर्वास नीति और पारिवारिक दबाव के कारण आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि संगठन अब लगातार कमजोर हो रहा है। बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद छोटे कैडरों का मनोबल भी टूट रहा है।एसपी निखिल राखेचा का मानना है कि जानसी जैसे वरिष्ठ कैडर का सरेंडर नक्सल संगठन में आंतरिक टूट का संकेत है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
NewsAnalysis