मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने एक बार फिर समयसीमा बढ़ा दी है। जिन राज्यों में अपेक्षित संख्या में दावे–आपत्तियां जमा नहीं हुई थीं, वहां आयोग ने अतिरिक्त समय प्रदान करते हुए नई अंतिम तिथियां घोषित की हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने एक बार फिर समयसीमा बढ़ा दी है। जिन राज्यों में अपेक्षित संख्या में दावे–आपत्तियां जमा नहीं हुई थीं, वहां आयोग ने अतिरिक्त समय प्रदान करते हुए नई अंतिम तिथियां घोषित की हैं। इस सूची में छत्तीसगढ़ के साथ पाँच अन्य राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। यह दूसरी बार है जब आयोग को समय बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है।

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों के अनुरोध पर आयोग ने समयसीमा में ढील दी है। इससे पहले केरल के लिए तारीख पहले ही बढ़ा दी गई थी। नवीनतम संशोधन के अनुसार गुजरात और तमिलनाडु में SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 14 दिसंबर कर दी गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार के लिए नई अंतिम तारीख 23 दिसंबर तय की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह तिथि अब 31 दिसंबर होगी।
छत्तीसगढ़ में SIR अभियान 4 नवंबर से जारी है, जिसमें BLO टीमों ने प्रदेशभर में मतदाताओं के घर–घर जाकर सत्यापन और गणना प्रपत्रों के संग्रहण की प्रक्रिया को गति दी है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार नवंबर के अंत तक 1 करोड़ 82 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका था, जो राज्य के कुल 2 करोड़ 12 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 86 प्रतिशत हिस्सा है। चुनाव आयोग का मानना है कि नई समयसीमा मिलने से शहरी और दूरस्थ इलाकों में फॉर्म संग्रहण और दावों–आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया और बेहतर तरीके से पूरी हो सकेगी।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, बीते दस दिनों में फॉर्म संग्रहण और डिजिटाइजेशन की रफ्तार और बढ़ी है। हालांकि ताज़ा आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि नई अंतिम तिथि से पहले अधिकतम पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में समुचित रूप से सम्मिलित कर लिया जाए, ताकि 2026 की आगामी चुनावी प्रक्रियाएं बिना किसी तकनीकी बाधा के पूरी की जा सकें।