छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना और नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 से नक्सलियों में विश्वास और उम्मीद बढ़ी है। अब माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। 17 सितंबर को नारायणपुर जिले में ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत पांच महिला सहित कुल 12 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।

इन आत्मसमर्पित नक्सलियों पर 50 हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक के इनाम घोषित थे। इस तरह कुल 18 लाख रुपये इनाम रखा गया था। हाल ही में एक करोड़ की इनामी महिला नक्सली सुजाता ने तेलंगाना में पुलिस के सामने सरेंडर किया है। इस बड़ी कामयाबी के पीछे स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों के अथक प्रयास और मेहनत तो हैं ही साथ ही सरकार की ‘नियद नेल्लानार ‘ योजना भी बेहद कारगर साबित हो रही है। यह योजना नक्सलियों को हथियार छोड़कर घर वापस लौटने के लिये प्रेरित कर रही है। सरकार की इस योजना को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन के लिए प्रोत्साहन राशि और नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक एक हजार सात सौ चार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।